बेटी की शादी बिना दहेज कर पूर्व सरपंच ने समाज में पेश की मिसाल


बेटी की शादी बिना दहेज कर पूर्व सरपंच ने समाज में पेश की मिसाल

मोहम्मद मुस्तफा | एटीवी हरियाणा | नूंह |
मेवात क्षेत्र में अभी भी समाज दहेज जैसी कुप्रथाओं से बंधा हुआ है। आये दिन दहेज के लिए हत्या, तलाक जैसे मामले सामने आते रहते हैं। इन कुरीतियों से ऊपर उठकर गांव ख्वाजलीकलां के रहने वाले पूर्व सरपंच पहलू खां ने अपनी पोती का एक रुपये से रिश्ता जोडकर बिना दहेज एक रुपये से विदाई कर समाज में मिशाल पेश की है। सरपंच द्वारा बिना दहेज की गई शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। 
 ख्वाजलीकलां निवासी पहलू खां पूर्व सरपंच ने बताया कि उन्होंने अपनी पोती की शादी भरतपुर जिले के गांव पादपुरी खोह के रहने वाले ग्रेजुएट व बीएससी पास साजिद खान से की। जिसके पिताजी मौलाना सम्मा हर साल गरीब लोगों की मदद करने के साथ-साथ गरीब बहन बेटियों की शादी कराते हैं। इस शादी में न तो कोई सामान दिया गया और न एक रुपये अलावा नकदी। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से दहेज कुप्रथा खत्म नहीं होगी तब तक बहन बेटियों पर होने वाले अत्याचार बंद नहीं होगा। जिस धन को लोग अपनी नाक के लिए शादी में खर्च करते हैं, बेहतर है कि उसे बेटी या बेटे की शिक्षा पर खर्च किया जाए। दूल्हा पक्ष के लोगों ने दहेज लोभियों के मुंह पर ताला लगाते हुए कहा कि बहू पढ़ी - लिखी हो इससे बड़ा दहेज और कुछ नहीं हो सकता है। मुस्ताक पूर्व सरपंच ने कहा कि  लोगों को समाज से दहेज प्रथा खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए। दहेज एक ऐसी दीमक है किसी भी रिश्ते को तार तार कर देता है। धर्म गुरु, समाजसेवी और जिम्मेदार लोगों को दहेज प्रथा रोकने के लिए आगे आना चाहिए। 

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