बेमोसम बरसात में धुल रहे किसानों के अरमान, मुआवजे की मांग

 बेमोसम बरसात में धुल रहे किसानों के अरमान, मुआवजे की मांग


मोहम्मद मुस्तफा, नूंह।
नूंह जिले में एक बार फिर लौटी बेमोसम बरसात ने किसानों की कटी हुई गेहूं की फसलों में काफी नुकसान कर दिया है। बरसात में भीगने से हालात ऐसे हो गए हैं कि यदि जल्द कटी हुई फसलों को धूप नहीं मिली तो सडऩे के कगार पर पहुंच सकती हैं। किसानों का कहना है कि जो फसल अभी खड़ी हुई है उसमें तो बाजे बज सकते हैं, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं की फसलों को काट लिया उनका बरसात में भीगने से सडऩे का अंदेशा है। किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं की फसल पर दोहरी मार पड़ी है।
किसान अली मोहम्मद, शहाबुद्दीन, फकरुद्दीन, खुर्शीद, तोसीफ खान, यूसुफ आदि ने बताया कि पहले तो गेहूं की खड़ी फसल पर बेमोसम बरसात की मार पड़ी और अब जब किसानों ने गेहूंं की फसल को काटना शुरु किया तो कटी हुई फसल भी भीगने से खराब होने के कगार पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नूंह जिले में अधिकतर लोग खेती बाड़ी के सहारे ही अपना जीवन यापन करते हैं। लेकिन बेमोसम बरसात में इस बार किसानों के अरमान धुल रहे हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि गेहूं की एक एकड़ खेती की सिंचाई में काफी खर्चा आता है, लेकिन इस बार ऐसा लग रहा है कि खर्चा तो दूर उल्टे किसानों को नुकसान झेलना पड़े। किसानों ने सरकार से मांग की है कि बेमोसम बरसात में भीगने से हुई खराब फसलों के लिए सरकार को किसानों को उचित मुुुआवजा देना चाहिए, ताकि किसानों की भरपाई हो सके।

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