लफूरी गांव में पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने मटके फोडे
लफूरी गांव में पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने मटके फोडे
सद्दाम हुसैन, पुन्हाना | ATV HARYANA |
प्रदेश सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर तक नल से जल देने पर भले ही करोडों रुपये खर्च किए जा रहे हों, लेकिन इसके बावजूद भी नूंह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। शनिवार को पुन्हाना के लफूरी गांव में पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने पहले तो सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और फिर गुस्साई महिलाओं ने मटके फोडे, साथ में चेताया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगला प्रदर्शन पुन्हाना पहुंचकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दफ्तर के सामने किया जाएगा।
लफूरी निवासी अख्तर हुसैन, सलमा, जीना, असगरी, मुबीन, इरशाद, नियामत ने बताया कि उनके गांव में करीब दस साल पहले पेयजल किल्लत को देखते हुए बूस्टिंग स्टेशन बनवाया गया था। जिस पर कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई की गई और बाद में बंद हो गई। जिससे गांव में पेयजल संकट गहराता चला गया। उन्होंने बताया कि रमजान के महीने में अधिकारियों ने गांव में टेंकरों से पानी पहुंचाया था और आश्वासन दिया था कि रमजान के बाद उनके लिए अलग लाइन बिछाकर पेयजल संकट को दूर किया जाएगा। आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रमजान निकलने के बाद गांव की सुध तक नहीं ले रहे हैं। गांव वाले इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन गांव में पानी की किल्लत बरकरार है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खारा पानी होने के कारण लोगों को मोल पानी खरीदना पड़ रहा है, जो लोग टेंकरों से पानी खरीदने की स्थिती में नहीं हैं, उनकी महिलाओं को आस-पास के गांवों से पानी की पूर्ति करनी पड़ रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी:
इस बारे में विभाग के एसडीओ अशोक कुमार का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि इस तरह की समस्या है तो उसका समाधान कराया जाएगा।


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