सब्र और संयम से काम ले आपस में एकता और इत्तेहाद पैदा करें : चौधरी अरश

सब्र और संयम से काम ले आपस में एकता और इत्तेहाद पैदा करें : चौधरी अरश

साबिर हुसैन कासमी, नूंह-मेवात ।

रमजान का महीना इमान वालों को सब्र और संयम सिखाता है जो कामयाब जिंदगी की चाबी है। इसलिए रोजा रखवा कर दिन इबादत से और तरावीह रात की इबादत से यह ही मकसद है चौधरी अरशद ने विशेष तौर पर मेवाती युवाओं के नाम पैगाम में हालात के परिपेक्ष्य में कहा कि अपने जज़्बातों पर क़ाबू रखें, सोशल मीडिया पर लिखते हुए संयम बरते, ख़ुदा पर भरोसा रखें, सब्र से काम ले और आपस में एकता और इत्तेहाद पैदा करे।खुदा की ताकत के बाद सब से बड़ी ताकत इत्तिहाद और एकता की है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों को मैसेज दिया गया है

मैं कहता हूं कि मुसलमानों को मैसेज लेना ही नहीं चाहिए। आप मैसेज लेने लगेंगे तो रोज़ रोज़ के मैसेज आपको कमजोर व निढ़ाल कर देंगे..आप मैसेज लेना बंद कर देंगे तो मैसेज आना भी बंद हो जाएंगे

मुसलमानों का मकाम व जिम्मेदारी मैसेज लेने और दूसरों का मैसेज आपस में फैलाने का नहीं है। मुसलमानों का मकाम व जिम्मेदारी और मकसद व लक्ष्य अपने रब का मैसेज दूसरों तक पहुंचाने का है। आप किसी मैसेज की परवाह न करें और अपने रब के मैसेज को पहुंचाने पर तवज्जो दें। अल्लाह की मदद ज़रुर आएगी.. उसका वादा है.. याद रखें आपका मैसेज ही आपकी अस्ल ताक़त है। उन्होंने कहा कि हालात से सबक लेकर अपनी सफों में इत्तिहाद पैदा करो अपने खुदा को पहचानो अपने रब के हो कर रहो दुनिया का कोई डर और खौफ तुम पर असर अदांज नहीं हो सकता।

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