आसमान छू रहा ईंटों का भाव, कैसे बने आशियाना


 


आसमान छू रहा ईंटों का भाव, कैसे बने आशियाना 


मोहम्मद मुस्तफा, नूंह | ATV HARYANA |

मेवात क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे ईंटों दाम से आमजन चिंतित है। ऐसे में लोगों का आशियाना बनाने का सपना मुश्किल सा हो गया है। भट्टा संचालकों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने दामों से लोगा सरकार को कोस रहे हैं। लेकिन न तो जिला प्रशासन द्वारा और न सरकार द्वारा ही ईंटों के मूल्य नियंत्रण पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। चर्चा है कि ईंटों के इतने दाम कभी नहीं सुने। 7000 हजार से लेकर 8000 हजार तक के ये दाम लोगों को चौंका रहे हैं। लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और सरकार ईंटों के मूल्य नियंत्रण पर ठोस कदम उठाए, ताकि आशियाना बनाने का सपना साकार हो सके।
शहाबुद्दीन, तोसीफ खान, जानू नवलगढ़, अली मोहम्मद, फजरुद्दीन आदि का कहना है कि ईंटों का मनमाना भाव लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दो तीन साल पहले जो मकान चार से पांच लाख रुपये की लागत में बनकर तैयार हो रहा है, आज के दौर में वह मकान आठ से दस लाख रुपये की लागत में तैयार हो रहा है। छोटा से छोटा सिंगल कमरा भी दो लाख से कम लागत के बिना तैयार नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि मेवात क्षेत्र में अधिकतर ईंट भट्टा मालिकों के पास भट्टा चलाने के लिए पूरे कागजात भी मौजूद नहीं हैं, लेकिन फिर भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के कानों तले जूं तक नहीं रेंगती है। संबंधित अधिकारियों के सुविधा सुल्क के कारण सब कुछ चंगा सी है। लोगों का कहना है कि समय रहते अगर सरकार ने मूल्यों को नियंत्रित नहीं किया तो मकान बनाना और महंगा होगा।

Comments

Popular posts from this blog

राव इंद्रजीत सिंह की जीत में सहभागी बनेगा मेवात : गौरव जैन

पुन्हाना से टिकट की दावेदारी कर लोगों की नब्ज टटोल रहे संदीप खटाना

बेटी की शादी बिना दहेज कर पूर्व सरपंच ने समाज में पेश की मिसाल