मेवाती राजा हसनखां के शहीदी दिवस कार्यक्रम में दो हजार गौपालकों को किया आमंत्रित
मेवाती राजा हसनखां के शहीदी दिवस कार्यक्रम में दो हजार गौपालकों को किया आमंत्रित
मेवाती राजा हसनखां के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आगामी नौ मार्च को बडकली चौक पर होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर भाजपा के नेता व कार्यक्रता सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में गौसेवा आयोग के सदस्य हकीम आस मोहम्मद ने गुरुवार को गांव चांदडाका, डंूगेजा, चांदनकी, महूं, शहजादपुर, बूबलहेडी, वाजीदपुर, बूचाका, सिरसबास, नाहरीका, रीठट, नेवाना, तुसैनी, लुहिंगाकला सहित दर्जनभर से अधिक गांवों का दौरा कर गौपालकों को शहीद हसनखां मेवाती के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया। जिसके बाद गौपालकों ने भी कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया।
गौसेवा आयोग के सदस्य हकीम आस मोहम्मद ने बताया कि कार्यक्रम में 2000 हजार गौपालक शामिल होने की उम्मीद है। मेवात के गांवों में जहां-जहां पर गौपालक हैं, उन सभी को न्यौता दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजा हसनखां ने अकबर के साथ मिलकर विदेशी आक्रमणकारी बाबर के खिलाफ कानहवां के मैदान में जंग लडी थी। जिसमें वह अपने 12 हजार घुडसवारों के साथ 15 मार्च 1527 को शहीद हो गए थे। जिसकी शहादत की याद को मेवातियों के दिलों में जिंदा रखने के लिए बडकली चौक पर शहीदी दिवस कार्यक्रम किया जा रहा है। जिसमें उनके नाम से एक मूर्ति भी लगाई जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे।
मेवातियों के लिए गर्व की बात:
मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि शहीद राजा हसनखां मेवात के रहने वाले थे। मेवातियों के लिए यह गर्व की बात है। सरकार ने लोगों के दिलों में उसकी याद को ताजा रखने के लिए बडकली चौक पर कार्यक्रम कर उनकी मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पर भी मेवात के लोग बसते हैं। उन सभी को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में अधिक संख्या में लोग शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम इतिहास रचेगा। मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि पूर्व की सरकार ने शहीद राजा हसनखां की शहादत को नजर अंदाज किया है।

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